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a city of joy and prosperity
Friday, August 15, 2008
parmanu urja का virodh और देश की haaalat
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क्या एसा संभव है ?
क्या आपने देखा है एसा रिज्यूमे
सेब खाएं लेकिन सावधानी से
गुड वन यू शुड मस्ट रीड
मित्रों के लिए समय निकालिए
अपने कर्मियों से नारायण मूर्ति का संबोधन
एक बार मुस्कुरा दो
जोक शोक पढ़ते रहिये, जाही विधि रखे राम
देखिये कितना अन्तर है मर्द और औरत में
कुछ शायरी वायरी हो जाए
आप केंसर के बारे में कितना जानते हैं
एसा भी होता है
एक बार मुस्कुरा दो
जुल्म नहीं सहेंगे
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एक और गौतम को मिलेगा मौका
कोई कहे कहता रहे कितना भी हमको दीवाना
फ़िर मौका मिला उप्द्रविओं को
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चरेवेति चरेवेति
पत्रकारों की फौज करेगी मौज
प्रचंड के हाथ में नेपाल
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भगवन मालिक
कि पैसा बोलता है
parmanu urja का virodh और देश की haaalat
बाबुओं की आज़ादी देश की बर्बादी
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सिर्फ़ चेहरे नहीं फितरत भी बदलनी चाहिए
बहुत गड़बड़झाला है भाई
सिर्फ़ लूट ही नहीं है भाई
बदल रहा है हमारा बिहार
क्या इन्हें शर्म नहीं आती
सपने पुरे हो रहे hain
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07/20 - 07/27
(6)
कितना व्यावहारिक है ज़माना
कितना व्यावहारिक है ज़माना
कुछ काम की बातें
बहुत कुछ है दिल में पर कहने में झिझक होती है
सिर्फ गाली ना दीजिये कुछ कीजिये जनाब
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